श्री साम्ब पुराण भाग १ | Shree Samba Puran Bhag 1

By: पं. निरंचन शर्मा अजित - Pt. Niranjan Sharma Ajit


दो शब्द :

इस पाठ में शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला गया है। लेखक ने 'वन्धु' नामक ग्रंथ के प्रकाशन को एक महत्वपूर्ण कार्य माना है, जो कि पिछले 20 वर्षों की मेहनत का फल है। इस ग्रंथ के माध्यम से शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज की धार्मिक परंपराओं और उनकी उपासना पद्धतियों का पुनरुत्थान करने का प्रयास किया गया है। लेखक ने हिन्दू धर्म के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि सम्प्रदाय, उपासना और देवताओं की महत्ता पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि हिन्दू धर्म में विभिन्न देवताओं की उपासना की जाती है, जिनमें प्रमुख सूर्य, शिव, विष्णु, दुर्गा और गणेश हैं। प्रत्येक देवता की अपनी विशेषताएँ और उपासना विधियाँ हैं, और भक्त जन अपने व्यक्तिगत आग्रह के अनुसार किसी एक देवता की अनन्य उपासना करते हैं। इस पाठ का उद्देश्‍य हिन्दू धर्म की गहराई और उसकी व्यापकता को उजागर करना है। लेखक ने यह भी उल्लेख किया है कि हिन्दू धर्म केवल एक पंथ या सम्प्रदाय नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक और समृद्ध धार्मिक प्रणाली है, जिसमें विभिन्न विचारधाराएँ और उपासना शैलियाँ शामिल हैं। लेखक ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिन्दू धर्म की जड़ें गहरी हैं और यह विभिन्न समयों में विकसित होता रहा है। उन्होंने यह माना कि प्राचीन ग्रंथों और पुराणों के अध्ययन से हिन्दू धर्म की सही समझ प्राप्त की जा सकती है। अंत में, लेखक ने आशा व्यक्त की है कि प्रस्तुत ग्रंथ समाज में धार्मिक जागरूकता और ज्ञान का संचार करेगा।


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