मरूधर केसरी मुनिश्री मिश्रीमल महाराज अभिनन्दन ग्रन्थ | Marudhar Kesri Munishri Mishrimalji Maharaj Abhinandan Granth

By: पं. शोभाचंद्र जी भारिल्ल - Pt. Shobha Chandra JI Bharilla
मरूधर केसरी मुनिश्री मिश्रीमल महाराज अभिनन्दन ग्रन्थ | Marudhar Kesri Munishri Mishrimalji Maharaj Abhinandan Granth by


दो शब्द :

इस पाठ में एक अभिनंदन ग्रंथ के प्रकाशन की प्रक्रिया और उसके महत्व पर चर्चा की गई है। ग्रंथ का उद्देश्य मुनिश्री मिश्रीमलजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करना है, जो जैन समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पाठ में यह बताया गया है कि इस ग्रंथ के प्रकाशन की योजना कैसे बनी। एक बैठक के दौरान, यह तय किया गया कि इस अवसर पर एक अभिनंदन ग्रंथ प्रकाशित किया जाएगा। इसके लिए एक समिति का गठन किया गया, जिसमें विभिन्न सदस्यों ने अपने योगदान दिए। समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए प्रयास किए। ग्रंथ में विभिन्न खंड हैं, जिनमें जैन दर्शन, धर्म, साहित्य, इतिहास, और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सामग्री प्रस्तुत की गई है। इसके अलावा, पाठ में उन सभी व्यक्तियों का धन्यवाद किया गया है जिन्होंने इस ग्रंथ के प्रकाशन में सहयोग दिया। अंत में, यह ग्रंथ जैन साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान के रूप में देखा गया है, जो मुनिश्री मिश्रीमलजी महाराज के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।


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