प्राचीन भारत हिन्दू काल | Prachin Bharat Hindu Kaal

- श्रेणी: इतिहास / History हिंदू - Hinduism
- लेखक: गोरखनाथ चोबे - Gorakhnath Chobey
- पृष्ठ : 409
- साइज: 9 MB
- वर्ष: 1950
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दो शब्द :
इस पाठ की भूमिका में प्राचीन भारत के इतिहास की महत्वपूर्णता और उसकी अध्ययन की चुनौतियों पर चर्चा की गई है। यह पुस्तक विशेष रूप से एफ.ए. के विद्यार्थियों के लिए लिखी गई है, लेकिन इसकी उपयोगिता सभी स्तरों के छात्रों के लिए है। प्राचीन भारत के इतिहास की लेखन परंपरा का अभाव और ऐतिहासिक सामग्री के श्रोतों की कमी को उल्लेखित किया गया है। लेखक ने बताया है कि प्राचीन ग्रंथों में विद्वत्ता की कमी के कारण इतिहास लेखन में कठिनाइयाँ आती हैं। विद्वानों ने काव्य और अन्य साहित्यिक रूपों में तो उत्कृष्टता दिखाई है, लेकिन इतिहास में उनके योगदान सीमित रहे हैं। प्राचीन भारत का इतिहास एकीकृत करने में भौगोलिक और राजनीतिक विविधताओं की चुनौतियाँ भी हैं। इसके अलावा, लेखक ने यह भी बताया है कि प्राचीन भारतीय सभ्यता की समृद्धि और संस्कृति को समझने के लिए इतिहास का अध्ययन आवश्यक है। पुस्तक में प्राचीन भारत के सामजिक, धार्मिक और आर्थिक पहलुओं को समाहित किया गया है, जिससे पाठक मानव जीवन की जटिलताओं को समझ सकें। अंत में, लेखक ने कहा है कि इतिहास का अध्ययन न केवल अतीत को समझने के लिए बल्कि भविष्य निर्माण में भी सहायक है। इस संस्करण में पहले से अधिक समृद्ध सामग्री और आधुनिक दृष्टिकोण शामिल किया गया है।
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