मानक हिंदी कोश | Manak Hindi Kosh
- श्रेणी: शब्दकोष/ Dictionary हिंदी / Hindi
- लेखक: रामचन्द्र वर्मा - Ramchandra Verma
- पृष्ठ : 669
- साइज: 59 MB
- वर्ष: 1952
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दो शब्द :
इस पाठ में हिंदी भाषा के कोशों के महत्व और उनकी आवश्यकता पर चर्चा की गई है। हिंदी साहित्य सम्मेलन ने हिंदी भाषा के विकास और प्रचार के लिए कोशों का प्रकाशन करने का प्रयास किया है। पाठ में बताया गया है कि हिंदी भाषा के लिए एक प्रामाणिक और उपयोगी कोश का अभाव है, जिससे इसे अपनी सही स्थिति में लाना आवश्यक है। प्रस्तुत कोश का संपादन रामचंद्र वर्मा द्वारा किया गया है, और यह हिंदी में एक अच्छे कोश के अभाव को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि हिंदी शब्दों का सही और स्पष्ट अर्थ होना चाहिए, ताकि लोग भाषा को बेहतर तरीके से समझ सकें। हिंदी शब्द-सागर और अन्य कोशों का संदर्भ देकर बताया गया है कि हिंदी में शब्दों की वृद्धि निरंतर हो रही है, और इस कोश के माध्यम से इसे एक व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि अच्छे कोशों का उपयोग केवल शब्दों के अर्थ जानने के लिए नहीं, बल्कि भाषा की शिक्षा और समझ के लिए भी महत्वपूर्ण है। पाठ में यह भी विचार किया गया है कि हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त करने के लिए उसके शब्द-भंडार का समृद्ध होना आवश्यक है। अंत में, कोश के प्रकाशन में योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार प्रकट किया गया है और आशा व्यक्त की गई है कि यह कोश हिंदी भाषा की सेवा करेगा।
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