मेघदूत का हिंदी गद्य | Meghadut Ka Hindi Gady

- श्रेणी: साहित्य / Literature हिंदी / Hindi
- लेखक: महावीर प्रसाद द्विवेदी - Mahavir Prasad Dwivedi
- पृष्ठ : 63
- साइज: 2 MB
- वर्ष: 1924
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में कालिदास की प्रसिद्ध काव्य "मेघदूत" का संक्षिप्त विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इसमें यह बताया गया है कि यह काव्य प्रेम और विरह की भावनाओं को व्यक्त करता है। यक्ष, जो अपनी पत्नी से दूर है, मेघ को दूत बनाकर उसे अपने संदेश भेजता है। वह अपने दुख और प्रेम को व्यक्त करने के लिए मेघ की सहायता लेता है। पाठ में यह भी चर्चा की गई है कि "मेघदूत" में प्रेम की गहराई और परिपक्वता का चित्रण किया गया है। यक्ष का प्रेम निस्वार्थ और निर्दोष है, जो उसे अपनी पत्नी से दूर रहने के बावजूद अपने हृदय में संजोए रखने की क्षमता प्रदान करता है। यह वर्णन प्रेम की उच्चता और उसकी पवित्रता को दर्शाता है, जिसमें सभी सांसारिक वासनाओं से ऊपर उठकर एक अद्वितीय संबंध की स्थापना की गई है। कवि ने इस काव्य में सरल और भावप्रवण भाषा का प्रयोग किया है, जिससे पाठक भावनाओं के साथ जुड़ सकें। यक्ष का संदेश प्रेम की अनंतता और उसके प्रति समर्पण को स्पष्ट करता है। इस प्रकार, "मेघदूत" केवल एक काव्य नहीं, बल्कि प्रेम और विरह की गहन अनुभूति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पाठ में यह भी बताया गया है कि कालिदास के इस काव्य ने बाद के कवियों को भी प्रेरित किया और इसे उनके काव्य लेखन में महत्वपूर्ण स्थान दिया।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.