पैसे -पैसे के चुटुकले | Paise-Paise Ke Chutkule

By: क. प्राणाचार्य गणपति सिंह वर्मा - K. Praanacharya Ganpati Singh Varma
पैसे -पैसे के चुटुकले | Paise-Paise Ke Chutkule by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश इस प्रकार है कि यह लेख स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और विशेष रूप से चिकित्सा सुविधाओं की कमी पर चर्चा करता है। लेख में बताया गया है कि बड़े शहरों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन गाँवों में इसका अभाव है। कारण यह है कि चिकित्सक अधिकतर शहरों में रहना पसंद करते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इलाज से वंचित रह जाते हैं। लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि गरीब लोग इलाज के लिए पैसे नहीं खर्च कर पाते हैं, जिससे छोटे-मोटे रोग बढ़कर गंभीर समस्याओं का रूप ले लेते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए, पाठक को सरल और सस्ते उपचारों के बारे में जानकारी दी गई है, ताकि गरीब और ग्रामीण लोग भी स्वास्थ्य लाभ उठा सकें। लेखक ने विभिन्न रोगों के लिए अनुभव आधारित उपाय और सरल चिकित्सा विधियों का संग्रह प्रस्तुत किया है, जो आम जनता के लिए उपयोगी हो सकते हैं। इस पुस्तक का उद्देश्य है कि लोग स्वस्त्य सेवाओं का लाभ उठा सकें और अपने स्वास्थ्य को सुधार सकें। अंत में, लेखक ने चिकित्सकों से अपील की है कि वे चिकित्सा को केवल पैसे कमाने का साधन न समझें और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों की सेवा करें।


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