ज्योतिबा फुले | Jyotiba Phule

By: दुर्गाप्रसाद शुक्ल - Durgaprasad Shukl
ज्योतिबा फुले | Jyotiba Phule by


दो शब्द :

पाठ का सारांश इस प्रकार है: "पढ़ें और सीखें" योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने पिछले तीस वर्षों से विद्यालय शिक्षा के लिए अच्छी पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रमों का निर्माण किया है। परिषद ने देखा कि इसके बावजूद विद्यार्थियों में अतिरिक्त पढ़ाई के प्रति रुचि नहीं है, जिसका मुख्य कारण परीक्षा प्रणाली है, जो केवल पाठ्यपुस्तकों के ज्ञान पर आधारित है। इस समस्या के समाधान के लिए परिषद ने 'पढ़ें और सीखें' नामक पुस्तक श्रृंखला की शुरुआत की है, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए सरल और रोचक विषयों पर पुस्तकें तैयार की जाएंगी। इस श्रृंखला में 50 से अधिक पुस्तकें शामिल होंगी, जैसे कि बच्चों के लिए कहानी, जीवनी, देश-विदेश परिचय, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विषय आदि। इन पुस्तकों के निर्माण में प्रसिद्ध लेखकों और योग्य कलाकारों का सहयोग लिया जा रहा है, और इन्हें लागत मूल्य पर प्रकाशित किया जाएगा ताकि यह हर बच्चे तक पहुंच सके। भविष्य में इन पुस्तकों का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने की योजना भी है। इस योजना के अंतर्गत ज्योतिबा फुले की जीवनी भी लिखी जा रही है, जो कि एक महान समाज सुधारक थे। उनके जीवन पर आधारित यह जीवनी बच्चों के लिए विशेषकर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज में सुधार की उनकी कोशिशों को उजागर करती है। इस प्रकार, "पढ़ें और सीखें" योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाना और उन्हें ज्ञान के व्यापक स्रोत उपलब्ध कराना है।


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