कम्पैरटिवे मैटिरिया मेडिका एंड थैरपुटिक्स | Comparative Materia Medica And Therapeutics

By: अज्ञात - Unknown
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दो शब्द :

इस पाठ में बायोकेमिक चिकित्सा का महत्व और इसकी प्रक्रिया पर चर्चा की गई है। लेखक ने बताया है कि बायोकेमिक चिकित्सा में औषधियों का उपयोग शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि बायोकेमिक चिकित्सा और होमियोपैथी में मूलभूत अंतर है। बायोकेमिक चिकित्सा का मूल सिद्धांत है कि जब किसी तत्व की कमी होती है, तो उसे उसी तत्व की औषधि देकर ठीक किया जाता है, जबकि होमियोपैथी में रोग के लक्षणों के अनुसार दवा दी जाती है। पुस्तक में बायोकेमिक चिकित्सा के इतिहास, इसके आधारभूत सिद्धांतों, और चिकित्सा में उपयोग होने वाले विभिन्न रासायनिक तत्वों का विवरण दिया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि मानव शरीर में किस प्रकार के धातव तत्व मौजूद होते हैं और उनकी कमी से कैसे बीमारियाँ उत्पन्न होती हैं। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि शरीर में हमेशा जैविक तत्वों की कमी नहीं होती, وإنما यह कमी धातव तत्वों की होती है। इसके अलावा, पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि कैसे विभिन्न परिस्थितियों में धातव तत्वों की कमी से स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। लेखक ने बायोकेमिक चिकित्सा के महत्व को रेखांकित किया है, विशेष रूप से उन रोगियों के लिए जो पारंपरिक चिकित्सा से लाभ नहीं उठा पाते। उन्होंने यह भी बताया है कि कैसे सही औषधियों का उपयोग कर रोगियों की स्थिति में सुधार किया जा सकता है। अंत में, लेखक ने पाठकों को इस पुस्तक को अपनाने और इसके माध्यम से बायोकेमिक चिकित्सा के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है, ताकि वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें।


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