उत्तर भारत का राजनीतिक इतिहास | Uttar Bharat Ka Rajnaitik Itihas

- श्रेणी: इतिहास / History भारत / India
- लेखक: विशुद्धानन्द पाठक - Vishuddhanand Pathak
- पृष्ठ : 696
- साइज: 85 MB
- वर्ष: 1977
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में उत्तर भारत के राजनीतिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण काल (600 से 1200 ईस्वी) वर्णित किया गया है। इस समय में कई राजवंशों का उदय हुआ, जिसमें राजपूतों का विशेष उल्लेख है। प्राचीन गणराज्यों का लोप हो चुका था, लेकिन इस युग में कला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हुईं, जैसे खजुराहो के मंदिरों का निर्माण। पाठ में यह भी बताया गया है कि इस काल का इतिहास अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है, और इस विषय पर अब तक कोई प्रामाणिक हिंदी ग्रंथ उपलब्ध नहीं था। इसलिए, उत्तर प्रदेश शासन की हिंदी समिति ने इस कमी को पूरा करने के लिए इस ग्रंथ का प्रकाशन किया है, जिसे डॉ. विशुद्धानंद पाठक ने लिखा है। उन्होंने इस युग के ऐतिहासिक घटनाओं को बड़े श्रम और मनोयोग से प्रस्तुत किया है। इस ग्रंथ में विशेष रूप से हर्षवर्धन के समय की घटनाओं का उल्लेख है, जिसमें उनके भाई राज्यवर्धन की हत्या, शशांक के आक्रमण और हर्षवर्धन की विजय यात्राओं का विवरण है। हर्षवर्धन की राजनीतिक रणनीति और उनके समय की सैन्य गतिविधियों का भी विश्लेषण किया गया है। इस प्रकार, यह पाठ उत्तर भारत के राजनीतिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण कड़ी को उजागर करता है, जिसमें विभिन्न राजवंशों की गतिविधियों, कला-संस्कृति के विकास और ऐतिहासिक घटनाओं का विस्तृत चित्रण किया गया है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.