उपवास के प्रयोग | Upvaas Ke Prayog

- श्रेणी: Health and Wellness | स्वास्थ्य स्वसहायता पुस्तक / Self-help book
- लेखक: बाबू केशवकुमार ठाकुर - Babu Keshavkumar Thakur
- पृष्ठ : 219
- साइज: 3 MB
- वर्ष: 1937
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में उपवास के महत्व और उसके प्रयोग पर चर्चा की गई है। लेखक केशवकुमार ठाकुर ने उपवास को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक विधि माना है। उनका मानना है कि उपवास के माध्यम से शरीर की स्वच्छता, रोगों का निवारण और मानसिक उन्नति संभव है। उपवास के प्रयोग से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और यह व्यक्ति को मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। लेखक ने बताया है कि उपवास का सही प्रयोग करने से शरीर में नवीनीकरण होता है, जबकि अधिक भोजन करने से शरीर में विकार उत्पन्न होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रोगों का मुख्य कारण हमारी गलत जीवनशैली और खान-पान है, जिसके फलस्वरूप हमें दंड के रूप में रोग प्राप्त होते हैं। उपवास के विभिन्न लाभों का वर्णन करते हुए, लेखक ने इसे एक वैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया है, जो न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी प्रदान करता है। अंत में, लेखक ने बताया कि उपवास के प्रभावी परिणामों के लिए इसे सही तरीके से करना आवश्यक है, और इसके लाभों का अनुभव करने के लिए समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाना जरूरी है। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि उनकी पुस्तक लोगों को उपवास के लाभों के बारे में समझने में मदद करेगी।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.