जागती जोत | Jagati Jot

- श्रेणी: Vedanta and Spirituality | वेदांत और आध्यात्मिकता भक्ति/ bhakti
- लेखक: अज्ञात - Unknown तेजसिंह जोधा - Tejsingh Jodha
- पृष्ठ : 1116
- साइज: 35 MB
- वर्ष: 1899
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दो शब्द :
डॉ. कन्हैयालाल सहल का जीवन और कार्य उनके योगदान को दर्शाता है। उनका जन्म 22 नवंबर 1911 को नवलगढ़, भुंभुनू जिले में हुआ था। उनके पिता संस्कृत के विद्वान थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई नवलगढ़ में की और फिर महाराजा कॉलेज से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। डॉ. सहल ने हिंदी और संस्कृत में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की और बाद में बिड़ला कॉलेज में हिंदी और संस्कृत विभाग के अध्यक्ष रहे। डॉ. सहल ने 1947 से 1964 तक आदर्श कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल के रूप में कार्य किया। उन्होंने पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त की और 'राजस्थानी कहावतें' पर कार्य किया। वे एक कुशल साहित्यकार, कवि, चित्रकार, अध्यापक, संपादक और आलोचक थे। उन्होंने 'मरू-भारती' नामक प्रमुख राजस्थानी शोध पत्रिका का संपादन किया, जिसमें राजस्थानी लोकवार्ता, प्राचीन साहित्य, पुरातत्व और लोककथाओं पर शोधपूर्ण लेख प्रकाशित होते थे। उनके कार्यों ने राजस्थानी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. सहल ने 40 से अधिक पुस्तकों और लेखों की रचना की, जिससे उन्होंने राजस्थानी साहित्य को समृद्ध किया। उनका निधन 13 मार्च 1977 को हुआ, जिससे राजस्थानी भाषा और साहित्य की ग्रंथ शृंखला में कमी आई। उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।
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