भूगोल | Bhugol by


दो शब्द :

यह पाठ "भूगोल" मासिक पत्रिका के बारे में है, जिसे 1664 में स्थापित किया गया था। यह पत्रिका भूगोल संबंधी साहित्य का संकलन करती है और इसके माध्यम से विभिन्न देशों के भूगोल के विषय में जानकारी प्रदान की जाती है। पत्रिका का उद्देश्य है कि भारत के नागरिकों को विश्व के अन्य देशों के भूगोल का ज्ञान हो, ताकि वे स्वतंत्रता प्राप्ति के प्रयासों में सफल हो सकें। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह पत्रिका विभिन्न भाषाओं में भूगोल की पुस्तकों का संग्रह कर रही है, जिससे हिंदी में भी अधिक साहित्य तैयार किया जा सके। इसके लिए पाठकों से अपील की गई है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें और भूगोल की पुस्तकों की बिक्री से सहायता करें। इसके अलावा, लेखक ने विदेश यात्रा के अनुभव साझा किए हैं, विशेषकर इंग्लैंड में भारतीय विद्यार्थियों के व्यवहार के बारे में। उन्होंने इंग्लैंड में भारतीय विद्यार्थियों के प्रति बढ़ती नकारात्मक धारणा का उल्लेख किया और इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थियों को अपने आचार-व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए। पाठ में लिवरपूल के विश्वविद्यालय और वहाँ के छात्रों की गतिविधियों का भी विवरण है, जिसमें सामाजिक कार्यों के माध्यम से स्थानीय अस्पतालों के लिए धन जुटाने का उल्लेख है। इस प्रकार, पाठ में भूगोल, शिक्षा, और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का संकलन किया गया है।


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