बहत् साबरतन्त्र | Bahut Sabratantre

By: गंगाविष्णु श्रीकृष्णदास - Gangavishnu Shreekrishndas


दो शब्द :

इस पाठ में तंत्रशास्त्र और विशेष रूप से सावर मंत्रों की महत्ता पर चर्चा की गई है। वर्तमान समय में विभिन्न प्रकार के तंत्रों और मंत्रों के विज्ञापन प्रचलित हैं, लेकिन लेखक का मानना है कि असली लाभ केवल सावर मंत्रों से ही प्राप्त किया जा सकता है। सावर मंत्रों की सिद्धि तुरंत होती है और इन्हें साधना के लिए विशेष विधियों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होती। लेखक ने बताया है कि सावर मंत्रों का जप करने से मनोकामनाओं की पूर्ति संभव है, जैसे कि मोक्ष, यश, या धन की प्राप्ति। इन मंत्रों का प्रयोग भूत-प्रेतों के प्रभाव से मुक्ति, दूसरों को वश में करना, और विभिन्न साधनाओं के लिए किया जाता है। इस ग्रंथ में विभिन्न मंत्रों की विधियाँ विस्तार से दी गई हैं, जिससे पाठक आसानी से उनका उपयोग कर सकें। लेखक ने तंत्रशास्त्र के प्रति लोगों के अविश्वास को दूर करने के लिए इस ग्रंथ का प्रकाशन आवश्यक बताया है। अंत में, लेखक ने यह भी कहा है कि तंत्र और मंत्रों के गुप्त रहस्य को उजागर करने का यह प्रयास सही है, ताकि लोग इनका सही उपयोग कर सकें।


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