राजस्थानी सबद कोर्स | Rajasthani Sabad Course

- श्रेणी: भाषा / Language साहित्य / Literature
- लेखक: प्रह्लाद सिंह - Prahlad Singh
- पृष्ठ : 682
- साइज: 36 MB
- वर्ष: 1976
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दो शब्द :
इस पाठ में राजस्थानी साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए 'राजस्थानी शब्द कोश' की भूमिका और महत्व पर चर्चा की गई है। पाठ में उल्लेख है कि चौपासनी शिक्षा समिति ने इस कोश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें कई विद्वानों और साहित्यकारों का सहयोग शामिल है। यह कोश राजस्थानी भाषा की समृद्धि और विकास के लिए एक आवश्यक साधन है। पाठ में यह भी बताया गया है कि इस कोश के प्रकाशन में कई बाधाएँ आईं, लेकिन समिति ने धैर्य और समर्पण के साथ कार्य को आगे बढ़ाया। पाठ के लेखक ने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया है जिन्होंने इस परियोजना में मदद की, विशेषकर उन व्यक्तियों का जिन्होंने आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके अलावा, पाठ में 'राजस्थानी शब्द कोश' के पहले तीन खंडों के सफल प्रकाशन का उल्लेख करते हुए, चौथे खंड की पहली जिल्द के प्रकाशन की खुशी और उपलब्धियों का जिक्र किया गया है। पाठ के अंत में, पाठक से अपील की गई है कि वे इस कोश का स्वागत करें और इसके प्रति सहयोग प्रदान करें। कुल मिलाकर, पाठ राजस्थानी भाषा, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास को दर्शाता है, जिसमें सभी संबंधित व्यक्तियों के योगदान की सराहना की गई है।
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