हिंदी क़ुरान सूरे फ़ातिहा | Hindi Quran Sure fatiha

- श्रेणी: Islamic | इस्लामी उर्दू / Urdu हिंदी / Hindi
- लेखक: रघुनाथप्रसाद मिश्र - Raghunathprasad Mishr
- पृष्ठ : 636
- साइज: 25 MB
- वर्ष: 1920
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दो शब्द :
इस पाठ में कुरान के हिंदी अनुवाद और धार्मिक विचारों पर चर्चा की गई है। लेखक ने यह बताया है कि विभिन्न विद्वानों ने कुरान के विभिन्न अनुवाद किए हैं, लेकिन उनका अपना अनुवाद निष्पक्ष और सर्वसमावेशी है। उनका मानना है कि धर्म को देश, काल और स्थान के अनुसार समझना आवश्यक है। इस संदर्भ में लेखक ने यह भी कहा है कि इस्लाम का संदेश विशेषकर उन अरब लोगों के लिए था, जो उस समय के सामाजिक और धार्मिक संदर्भ में थे। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में भी गहन ज्ञान और विद्या विद्यमान है, जो सभी के लिए उपयोगी है। उन्होंने यह भी कहा कि कुरान का अनुवाद करने का कार्य भारतीय ब्राह्मणों ने किया है, जो एक महत्वपूर्ण योगदान है। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि धार्मिक ग्रंथों का सरल और स्पष्ट अनुवाद किया जाना चाहिए, ताकि हर कोई उसे आसानी से समझ सके। इसके अलावा, लेखक ने समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता पर भी चिंता व्यक्त की है और सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सहिष्णुता का आह्वान किया है। अंत में, लेखक ने पाठकों से आग्रह किया है कि वे इस अनुवाद को स्वीकार करें और अपने विचार साझा करें, जिससे एक स्वस्थ संवाद का निर्माण हो सके।
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