विश्व -इतिहास ( प्राचीन काल) | Vishva -Itihas ( prachin kaal )

By: डॉ. रामप्रसादत्रिपाठी - Dr. Ramprasad Tripathi
विश्व -इतिहास ( प्राचीन काल) | Vishva -Itihas ( prachin kaal ) by


दो शब्द :

इस पाठ का सारांश यह है कि विश्व इतिहास के अध्ययन की आवश्यकता और महत्व को रेखांकित किया गया है। लेखक डॉ. रामप्रसाद त्रिपाठी ने बताया है कि विभिन्न संचार साधनों के विकास के कारण मानवता एक-दूसरे के करीब आ रही है। इस संबंध में विचारकों जैसे रवींद्रनाथ ठाकुर और महात्मा गांधी की विचारधारा का उल्लेख किया गया है, जो विश्व बंधुत्व की दिशा में प्रेरित करती है। इतिहास का अध्ययन न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य में किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य की मानवता को मार्गदर्शन मिल सके। इस पुस्तक को हिंदी भाषा में लिखने का उद्देश्य पाठकों को प्राचीन मानव सभ्यताओं जैसे हिट्टी, मिट्टनी, मिस्र, यहूदी, सुमेरियन, भारतीय, ईरानी, रोमन, यूनानी और चीनी का संक्षिप्त परिचय प्रदान करना है। पुस्तक में प्राचीन काल की घटनाओं, उनके सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं का समावेश किया गया है। लेखक ने इस कार्य में अन्य ग्रंथों और लेखों का सहारा लिया है। इसके साथ ही, उन्होंने पुरातन इतिहास में नए दृष्टिकोणों और खोजों की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। संक्षेप में, यह पुस्तक इतिहास के अध्ययन को व्यापक बनाने और पाठकों के ज्ञान को समृद्ध करने का प्रयास करती है।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *