समकालीन विश्व इतिहास | Samkalin Vishva Itihas

- श्रेणी: इतिहास / History
- लेखक: जगमोहन सिंह राजपूत - Jagmohan Singh Rajput
- पृष्ठ : 341
- साइज: 18 MB
- वर्ष: 2003
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ का सारांश यह है कि समकालीन विश्व इतिहास की पाठ्यपुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों को बीसवीं सदी में हुई महत्वपूर्ण घटनाओं और विकास कार्यों से अवगत कराना है, जो आज के विश्व को आकार देती हैं। पाठ्यक्रम में ध्यान दिया गया है कि छात्र अपने चारों ओर की दुनिया और उसमें घटित घटनाओं पर स्वतंत्र रूप से विचार करें और अपने निष्कर्ष निकालें। पुस्तक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला, साहित्य, संस्कृति, परिवहन, संचार, और सामाजिक-आर्थिक घटनाक्रमों का संक्षिप्त ब्योरा दिया गया है। यह विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास करती है कि वे एक ऐसे देश के नागरिक हैं, जो अतीत की तरह अब भी समृद्ध और सुखद जीवन के अवसर प्रदान करता है। इसके साथ ही, उन्हें यह भी सिखाया जाता है कि कैसे पिछले शताब्दियों में मानव प्रगति में बाधाएं आईं और उन्हें दूर करने के लिए वे प्रयत्नशील रहेंगे। पुस्तक में समकालीन इतिहास के विशेष पहलुओं को शामिल किया गया है, जैसे कि पुनर्जागरण, उपनिवेशवाद, विश्व युद्ध, और शीत युद्ध, ताकि छात्र इन घटनाओं के पारस्परिक संबंध और उनके प्रभाव को समझ सकें। यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन लेखकगण ने सभी तथ्यों को संक्षेप में और वस्तुनिष्ठ रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। अंत में, लेखक और विशेषज्ञों ने इस पुस्तक को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और यह विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार की गई है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.