कसक | Kasak

- श्रेणी: इतिहास / History उपन्यास / Upnyas-Novel कहानियाँ / Stories
- लेखक: अमृता प्रीतम - Amrita Pritam
- पृष्ठ : 127
- साइज: 4 MB
- वर्ष: 1960
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दो शब्द :
अमृता प्रीतम पंजाबी साहित्य की एक प्रमुख लेखिका हैं, जिन्हें उनके काव्य, कहानियां और उपन्यासों के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उनकी रचनाएं मुख्य रूप से रोमांटिक भावनाओं से भरी होती हैं, और प्रेम का चित्रण करने में उन्हें विशेष सफलता प्राप्त हुई है। इस पुस्तक में उनका एक नया लघु उपन्यास "बुलावा" और पांच कहानियां शामिल हैं। कहानी "बुलावा" में एक मां, जैनिब बीबी, अपने बेटे फैज़ को काम पर भेजने की कोशिश करती है। वह चाहती है कि उसका बेटा पैसे कमाए, हालांकि वह जानती है कि इस काम में मेहनत और कठिनाई है। फैज़, जो केवल छह साल का है, अपनी मां की मजबूरी को समझता है और काम करने के लिए तैयार होता है। कहानी में फैज़ की मेहनत और उसकी मां के प्रति उसकी चिंता का चित्रण किया गया है। फैज़ का काम शुरू होता है जब वह खुश्नवीसी (कपड़े की सजावट) सीखने के लिए जाता है, लेकिन उसके कदम उसे सब्जी मंडी की ओर खींच लेते हैं, जहां वह सब्जियां बेचने लगता है। धीरे-धीरे वह अखबार भी बेचने लगता है। उसकी जिंदगी में संघर्ष और मेहनत का सफर शुरू होता है, जहां वह अपने पिता की गजलों और अपनी मातृभूमि के प्रति अपने संबंधों को भी याद करता है। कहानी में अमृता प्रीतम ने न केवल मां-बेटे के रिश्ते को संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया है, बल्कि समाज में व्याप्त कठिनाइयों और बच्चों के कार्य करने की मजबूरियों को भी उजागर किया है। फैज़ की मेहनत और उसके सपनों की यात्रा इस कहानी का मुख्य आकर्षण है।
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