पुराण संदर्भ कोश (पुराणों में प्रयुक्त विशिष्ट शब्दों की व्याख्या) | Puran Sandarbh Kosh ( Purano mein Prayukt Shabdo ki Vyakhya )

- श्रेणी: Hindu Scriptures | हिंदू धर्मग्रंथ धार्मिक / Religious हिंदू - Hinduism
- लेखक: पदिमनी मेनन - Padimani Menan
- पृष्ठ : 340
- साइज: 13 MB
- वर्ष: 1969
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दो शब्द :
इस पाठ में "पुराण संदर्भ कोश" नामक पुस्तक की जानकारी दी गई है, जिसे पद्मिनी मेनन ने लिखा है। यह पुस्तक पुराणों में प्रयुक्त विशिष्ट शब्दों की व्याख्या करती है। पाठ में बताया गया है कि महाभारत के युद्ध के दौरान जब वीरता और विद्या के महान लोग समाप्त हो गए, तब महर्षि व्यास ने वेदों, इतिहास और पुराणों का उद्धार किया। पुराणों को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि ये प्राचीन ज्ञान और विज्ञान का समावेश करते हैं। पुस्तक में पुराणों की परिभाषा और उनके महत्व पर चर्चा की गई है। पुराणों को वेदों का उपविधान माना गया है और ये भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पुराणों में विभिन्न विषयों का समावेश है, जैसे सृष्टि, राजा-महाराजाओं के चरित, मन्वन्तर, और ऋषियों के चरित्र। लेखिका का उद्देश्य पाठकों को पुराणों के ज्ञान से अवगत कराना और उन्हें भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक करना है। पुस्तक के अंत में लेखिका ने यह भी बताया है कि यह ग्रंथ विशेष रूप से शिक्षित युवाओं के लिए लिखा गया है, जो पुराणों और उनके पात्रों के बारे में अधिक जानकारी नहीं रखते। उनका यह प्रयास है कि युवा पीढ़ी इस पुस्तक के माध्यम से अपने अतीत और संस्कृति को समझ सके। लेखिका ने पुराणों में पाए जाने वाले विभिन्न नामों और उनके अर्थों को भी विस्तार से समझाया है। इस प्रकार, यह पुस्तक पुराणों के संदर्भ में एक उपयोगी ग्रंथ है, जो भारतीय संस्कृति और साहित्य के अध्ययन में सहायता प्रदान करती है।
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