भारतेन्दु- नाटकवली | Bhartendu- Natakwali

- श्रेणी: नाटक/ Drama
- लेखक: ब्रजरत्न दास - Brajratna Das
- पृष्ठ : 724
- साइज: 36 MB
- वर्ष: 1992
-
-
Share Now:
दो शब्द :
इस पाठ में भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचनाओं, विशेष रूप से उनके नाटकों का उल्लेख किया गया है। लेखक ने बताया है कि भारतेंदुजी के नाटकों की संख्या बीस है, जिसमें से कुछ रचनाएँ मौलिक हैं और कुछ का अनुवाद किया गया है। पाठ में 'सत्य हरिश्चंद्र' नाटक का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसे नाट्यशास्त्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। नाटक के पात्रों और उनके संवादों के माध्यम से सत्य और धर्म की महत्ता को दर्शाया गया है। नाटक में इंद्र और नारद का संवाद है, जिसमें वे राजा हरिश्चंद्र की सत्यनिष्ठा और उनके द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हैं। यह नाटक न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह दर्शकों को नैतिक शिक्षा भी देता है। पाठ में बताया गया है कि भारतेंदुजी के नाटकों का अध्ययन छात्रों के लिए लाभकारी है और उनकी रचनाओं को एकत्रित करने का प्रयास किया गया है। इस संग्रह में विभिन्न नाटकों के साथ-साथ उनके अनुवाद और अन्य संबंधित सामग्री भी शामिल की गई है। संक्षेप में, पाठ में भारतीय नाट्य साहित्य के विकास और भारतेंदु हरिश्चंद्र के योगदान का उल्लेख करते हुए उनके नाटकों की महत्ता और उपयोगिता को समझाया गया है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.