बिओचेमिक चिकित्सा सार मैटिरिया मेटिका | Biochemic Chikitsa Saar Materia Medica

- श्रेणी: Health and Wellness | स्वास्थ्य
- लेखक: एम. भट्टाचार्य - M. Bhattacharya
- पृष्ठ : 212
- साइज: 8 MB
- वर्ष: 1970
-
-
Share Now:
दो शब्द :
यह पाठ डॉ. विलियम एच. सुसलर द्वारा विकसित बायोकेमिक चिकित्सा प्रणाली पर आधारित एक ग्रंथ का परिचय देता है। सुसलर ने 1837 में बायोकेमिक चिकित्सा प्रणाली की स्थापना की, जो जीव-शरीर में रासायनिक तत्वों का संतुलन बनाए रखने पर केंद्रित है। यह प्रणाली इस विचार पर आधारित है कि शरीर में विभिन्न रासायनिक तत्वों की उचित मात्रा से स्वास्थ्य बना रहता है, और जब इनमें कमी होती है, तो रोग उत्पन्न होते हैं। पुस्तक का उद्देश्य हिंदी पाठकों को बायोकेमिक चिकित्सा की जानकारी प्रदान करना है, जो कि सरल और स्पष्ट भाषा में लिखी गई है ताकि सामान्य पाठक भी इसे समझ सके। यह चिकित्सा प्रणाली पार्थिव और जीवन रसायनों के संतुलन के माध्यम से रोगों के निदान और उपचार पर जोर देती है। पुस्तक में विभिन्न रोगों और उनकी चिकित्सा विधियों का विस्तृत वर्णन किया गया है, जिससे पाठक चिकित्सकीय ज्ञान प्राप्त कर सके। इसके अलावा, यह उल्लेख किया गया है कि चिकित्सा ग्रंथों की भारी कमी के कारण, इस पुस्तक का महत्व और भी बढ़ जाता है। इसे इस उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है कि यह सभी के लिए सुलभ हो और लोग इससे लाभान्वित हो सकें। किताब की लागत को भी कम रखा गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर सकें। सारांश में, यह ग्रंथ बायोकेमिक चिकित्सा के सिद्धांतों और उसके चिकित्सकीय उपयोगों की जानकारी देने के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो पाठकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करता है।
Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.