हिन्दू विधि | Hindu Vidhi by


दो शब्द :

इस पाठ में 'हिन्दू विधि' का परिचय दिया गया है, जिसमें हिन्दू कानूनों का संग्रह एवं उनकी विभिन्न शाखाओं का वर्णन किया गया है। लेखक, पं. गिरिजाशंकर मिश्र, ने इस विषय को समग्र रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, ताकि यह जानकारी विधि-शास्त्र के छात्रों और सामान्य पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध हो सके। विधि का अर्थ बताया गया है कि यह नियमों और सिद्धांतो का एक संग्रह है, जो सामाजिक कल्याण और व्यवस्थित जीवन के लिए आवश्यक है। भारत में, जहाँ धर्मनिरपेक्ष शासन है, वहाँ भी हिन्दू और मुस्लिम कानूनों का प्रचलन है। हिन्दू विधि को दीवानी और फौजदारी मामलों में विभाजित किया गया है और इसके अध्ययन को आवश्यक बताया गया है। हिन्दू विधि की विविधता को समझाने के लिए यह बताया गया है कि 'हिन्दू' की परिभाषा बहुत व्यापक है, जिसमें विभिन्न धार्मिक पृष्ठभूमियों के लोग शामिल हो सकते हैं। हिन्दू विधि का अध्ययन करते समय, विधि की परिभाषा, उसके स्रोत और उसकी प्रासंगिकता पर भी चर्चा की गई है। पाठ में यह भी बताया गया है कि हिन्दू विधि के तहत विभिन्न मुद्दों जैसे उत्तराधिकार, विवाह, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण, और दान की व्याख्या होती है। इसके साथ ही, आधुनिक हिन्दू कानूनों जैसे हिन्दू विवाह अधिनियम और उत्तराधिकार अधिनियम का उल्लेख किया गया है। इस प्रकार, यह पाठ हिन्दू विधि के सिद्धांतों और उनके व्यावहारिक पहलुओं का एक संक्षिप्त, लेकिन समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *