अभिधान -अनुशीलन | Abhidhan-Anushilan

- श्रेणी: Grammar/व्याकरण संदर्भ पुस्तक / Reference book
- लेखक: विद्याभूषण विभु - Vidhyabhushan Vibhu
- पृष्ठ : 515
- साइज: 58 MB
- वर्ष: 1958
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दो शब्द :
"अभिधान अनुशीलन" नामक ग्रंथ डॉ. विद्याभूषण विशु द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण शोध प्रबंध है, जो पुरुषों के हिंदी नामों का वैज्ञानिक विवेचन करता है। यह अध्ययन नाम-शास्त्र के क्षेत्र में एक मौलिक प्रयास है, जिसमें हिंदी प्रदेश में प्रचलित नामों की गहनता से जांच की गई है। इस ग्रंथ में डॉ. विशु ने कठिन और नीरस विषय पर शोध करते हुए इसे रोचक बनाने की कोशिश की है। उन्होंने इस विषय पर अपने जीवन के अंतिम चरण में काम किया और प्रयाग विश्वविद्यालय से डी. फिल. की उपाधि प्राप्त की। इस अध्ययन में हिंदी नामों का क्षेत्र, नाम का व्याकरण, ऐतिहासिक संदर्भ, नाम निर्माण के मूल तत्व, और नामों में ऐतिहासिक उपादान जैसे विविध पहलुओं पर चर्चा की गई है। ग्रंथ में विभिन्न अध्यायों के माध्यम से नामों के अर्थ, उनके सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व, और नामों में होने वाले परिवर्तनों का विवेचन किया गया है। यह ग्रंथ न केवल नामों की संरचना और उनके प्रयोग को समझने में सहायक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और समाज के विविध पहलुओं को भी उजागर करता है। अंततः, "अभिधान अनुशीलन" हिंदी भाषा और साहित्य के छात्रों, शोधकर्ताओं, और भाषा संबंधी अध्ययन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए एक उपयोगी और ज्ञानवर्धक ग्रंथ है। इसका प्रकाशन हिन्दुस्तानी एकेडेमी द्वारा किया गया है, जो इस महत्वपूर्ण कार्य को मान्यता प्रदान करता है।
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