मलूक दास जी की बाणी | Malook Das Ji Ki Bani

- श्रेणी: Vedanta and Spirituality | वेदांत और आध्यात्मिकता साहित्य / Literature
- लेखक: अज्ञात - Unknown
- पृष्ठ : 48
- साइज: 2 MB
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दो शब्द :
यह पाठ संतवानी पुस्तकमाला में शामिल महात्माओं की जीवनी और उनके द्वारा रचित बाणियों का उल्लेख करता है। इसमें उन महात्माओं की सूची दी गई है जिनकी जीवनी और बाणियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं, जैसे कबीर, गरीबदास, कणीर, दादू, मलूकदास आदि। इसके साथ ही, उन महात्माओं का भी उल्लेख किया गया है जिनकी जीवनी और बाणियाँ अभी तक उपलब्ध नहीं हैं, जैसे पीपा जी, नामदेव जी, नरसी मेहता आदि। पाठ के अंत में पाठकों से अनुरोध किया गया है कि यदि उनके पास इन महात्माओं की जीवनी या चित्र हैं, तो उन्हें साझा करें। इसके बाद, बाबा मलूकदास जी के जीवन-चरित्र का वर्णन किया गया है। उनका जन्म 1639 विक्रमी में हुआ और वे बचपन से ही साधुओं और गरीबों की सेवा करते थे। एक बार उन्होंने साधुओं को भोजन कराया, जिससे उनकी माँ चिंतित हुई, लेकिन बाबा ने अपनी भक्ति और ध्यान में लीन होकर ध्यान साधना की। उनके चमत्कारों की कहानियाँ भी प्रचलित हैं, जैसे कि उन्होंने अकाल के समय वर्षा के लिए प्रार्थना की। उनका जीवन और कार्यक्षेत्र बहुत प्रेरणादायक है, और उनकी भक्ति और साधना ने उन्हें महान बना दिया। पाठ में बाबा मलूकदास जी की सरलता, दयालुता और भक्ति का भी उल्लेख किया गया है। इस प्रकार, पाठ संतवानी पुस्तकमाला में संतों की जीवनी और उनके आचार-व्यवहार को दर्शाता है, जिसमें भक्ति और सेवा का संदेश प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
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