श्री राम चरित मानस | Shri Ram Charit Manas

- श्रेणी: Hindu Scriptures | हिंदू धर्मग्रंथ हिंदू - Hinduism
- लेखक: घनश्यामदास जालान - Ghanshyamdas Jalan
- पृष्ठ : 142
- साइज: 4 MB
- वर्ष: 1956
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दो शब्द :
इस पाठ में रामायण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया गया है, जिसमें श्रीराम, सीता और भरत की भावनाएँ और उनके बीच की बातचीत का जिक्र है। भरत का श्रीराम के प्रति प्रेम और उनकी वापसी की प्रतीक्षा के साथ-साथ रामराज्य के सुखद वर्णन का भी उल्लेख है। पाठ में सीता के हरण, राम और रावण के बीच की लड़ाई, और भक्तों के संवादों को भी शामिल किया गया है। यहाँ पर पाठ में राम के प्रति भक्ति, उनके आदर्श और भगवान की महिमा का गुणगान किया गया है। भरत की चिंता और प्रेम को दर्शाते हुए, पाठ में यह बताया गया है कि कैसे भरत अपने भाई की वापसी का इंतजार कर रहे हैं और उनके दिल में क्या भावनाएँ चल रही हैं। इस प्रकार, यह पाठ रामायण के मुख्य घटनाक्रमों को संक्षेप में प्रस्तुत करता है, जिसमें प्रेम, भक्ति और नैतिकता की अनुकृति देखने को मिलती है। पाठ का समापन राम के आगमन और अयोध्या में उनके स्वागत की खुशी के साथ होता है, जो भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है।
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