हिंदुस्तानी कहावत कोश | Hindustani Kahawat Kosh

By: एस. डब्ल्यू. फैलन - S. W. Failan
हिंदुस्तानी कहावत कोश | Hindustani Kahawat Kosh by


दो शब्द :

इस पाठ में विभिन्न हिन्दुस्तानी कहावतों का संग्रह प्रस्तुत किया गया है। हर कहावत के साथ उसका अर्थ और उपयोग का संदर्भ भी दिया गया है। कहावतें जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं, जैसे कि परिश्रम, बुद्धिमत्ता, अकेलापन, और सामाजिक व्यवहार। कहावतें अक्सर व्यंग्य, हास्य या शिक्षाप्रद संदेश देने के लिए प्रयोग की जाती हैं। उदाहरण के लिए, "अकेला हंसता भला न रोता" का अर्थ है कि सुख-दुख में साथी होना ज़रूरी है। इसी प्रकार, "अंधेर नगरी, चौपट राजा" का उल्लेख अन्याय और अराजकता को दर्शाता है। प्रत्येक कहावत एक नैतिक पाठ या सामाजिक सच्चाई को उजागर करती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कैसे ये कहावतें हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं और दैनिक जीवन में मार्गदर्शन करती हैं। पाठ में दी गई कहावतें न केवल मनोरंजक हैं, बल्कि वे गहन सोच और अनुभव से उत्पन्न ज्ञान का भी संचार करती हैं।


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