वेद-विज्ञान-वीथिका | Ved-Vigyan-Veethika

- श्रेणी: धार्मिक / Religious साहित्य / Literature
- लेखक: दयानन्द भार्गव - Dayanand Bhargav
- पृष्ठ : 278
- साइज: 6 MB
- वर्ष: 1996
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दो शब्द :
इस पाठ का सारांश इस प्रकार है: पुस्तक "बेद-विज्ञान-वीधिका" के लेखक डॉ. दयानंद भार्गव हैं, जो जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर में संस्कृत विभाग के आचार्य और अध्यक्ष हैं। यह ग्रंथ वेद विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है और इसे विद्वानों और अध्येताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने पहले "वेद विद्या प्रवेशिका" नामक पुस्तिका प्रकाशित की थी, जो इस नई कृति के अध्ययन में सहायक हो सकती है। ग्रंथ में वेदों के विभिन्न विषयों का क्रमबद्ध वर्णन किया गया है, जिससे पाठकों को वेद विज्ञान की गहरी समझ प्राप्त हो सके। डॉ. भार्गव ने इस ग्रंथ को कई विद्वानों के साथ विचार-विमर्श करके तैयार किया, और इसे विभिन्न सम्मेलनों में प्रस्तुत किया गया। यह पुस्तक वेद अध्ययन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में एक कदम है। ग्रंथ में कई विषयों का समावेश है, जैसे कि ब्रह्म और सृष्टि, वेदार्थ की सूक्ष्मता, बहुदेववाद और एकदेववाद, ज्ञान और विज्ञान, यज्ञ की प्रकृति, और मानव जीवन का उद्देश्य। इस प्रकार, यह कृति वेदों के गहन अध्ययन और अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बन सकती है। लेखक ने इस ग्रंथ को वैदिक अध्ययन केंद्र के संस्थापक श्री कर्पूरचन्द्र जी कुलिश को समर्पित किया है, और इसमें कई विद्वानों एवं सहयोगियों का योगदान भी उल्लेखित किया गया है। इस प्रकार, "बेद-विज्ञान-वीधिका" ज्ञान और विद्या के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो विद्वानों और छात्रों को वेदों की गहराई और उनके महत्व को समझने में मदद करेगा।
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