राहुल सांकृत्यायन | Rahul Sankrityayan

By: राहुल सांकृत्यायन - Rahul Sankrityayan
राहुल सांकृत्यायन | Rahul Sankrityayan by


दो शब्द :

यह पाठ कार्ल मार्क्स के जीवन, उनके सिद्धांतों और उनके योगदान पर आधारित है। लेखक राहुल सांकृत्यायन ने इस पुस्तक को लिखने का उद्देश्य मार्क्स की जीवनी और उनके विचारों को हिंदी पाठकों के लिए प्रस्तुत करना है। पुस्तक में मार्क्स के बाल्यकाल, शिक्षा, और उनके विचारधारात्मक विकास का विवरण दिया गया है। मार्क्स का जन्म 5 मई 1818 को ट्रेव्स, जर्मनी में हुआ था, और उनका परिवार यहूदी था। उनके दादा मार्क्स लेवी एक पुरोहित थे। मार्क्स का पालन-पोषण ऐसे माहौल में हुआ जो उन्हें पूंजीवादी समाज की वास्तविकताओं से अवगत कराता था। लेखक ने मार्क्स की शिक्षा, उनके विचारों पर प्रभाव डालने वाले दार्शनिकों, और उनके द्वारा लिखी गई महत्वपूर्ण रचनाओं का उल्लेख किया है। पुस्तक में मार्क्स के जीवन के विभिन्न चरणों का विवरण दिया गया है, जिसमें उनकी युवावस्था, विश्वविद्यालय जीवन, और उनके राजनीतिक विचारों का उदय शामिल है। लेखक ने यह भी बताया कि कैसे मार्क्स ने अपने समय के सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को समझा और उनके समाधान के लिए वैज्ञानिक समाजवाद का प्रस्ताव रखा। इस प्रकार, यह पुस्तक मार्क्स के जीवन और उनके विचारों का एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिसमें उनके विचारों की प्रासंगिकता और उनकी सामाजिक क्रांति में भूमिका को रेखांकित किया गया है।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *