भारत वर्ष का बृहद इतिहास प्रथम भाग | Bharat Varsh ka Vrihad Itihas part 1

By: पंडित भगवद्दत्त - Pandit Bhagavad Datta
भारत वर्ष का बृहद इतिहास प्रथम भाग  | Bharat Varsh ka Vrihad Itihas part 1 by


दो शब्द :

इस पाठ में भारतीय इतिहास के संदर्भ में विभिन्न घटनाओं का उल्लेख किया गया है, विशेष रूप से ऋषि दयानंद सरस्वती के योगदान और उनके जीवन की घटनाओं पर। पाठ में दयानंद सरस्वती द्वारा रचित और संपादित ग्रंथों का उल्लेख है, जिनमें धर्म, वेद, और भारतीय संस्कृति से संबंधित विषयों को शामिल किया गया है। पाठ में बताया गया है कि दयानंद सरस्वती ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया, विशेष रूप से विभाजन के समय जब उन्होंने अपने परिवार के साथ पंजाब से भागने का निर्णय लिया। विभाजन के दौरान उनके पुस्तकालय और ऐतिहासिक वस्तुओं को खोने का भी जिक्र है, जिससे उनकी निराशा और चिंता का पता चलता है। इसमें हस्ताक्षरित पत्रों, मित्रों और सहयोगियों के साथ संपर्क, और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में उनके योगदान का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने कई विद्वानों के साथ विचार विमर्श किया और भारतीय इतिहास के महत्व पर जोर दिया। कुल मिलाकर, यह पाठ दयानंद सरस्वती के जीवन और उनके कार्यों के महत्व को उजागर करता है, साथ ही उस समय की सामाजिक और राजनीतिक स्थितियों का भी वर्णन करता है।


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