ग्राम्य जीवन की कहानियाँ | Gramya Jivan Ki Kahaniyan

- श्रेणी: उपन्यास / Upnyas-Novel कहानियाँ / Stories
- लेखक: प्रेमचंद - Premchand
- पृष्ठ : 166
- साइज: 7 MB
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दो शब्द :
प्रेमचंद की "ग्राम्य जबिन की कहानियाँ" में कहानी साहित्य का महत्व और उसकी वास्तविकता का वर्णन किया गया है। लेखक का मानना है कि साहित्य का मुख्य उद्देश्य आनंद प्रदान करना है, और जो वस्तु आनंद नहीं देती, वह सत्य भी नहीं हो सकती। साहित्य मनुष्य के अनुभवों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है, जो मानव जाति को स्वयं को समझने में मदद करता है। कहानियों के माध्यम से व्यक्ति के जीवन के सुख-दुख, संघर्ष और मनोविज्ञान को चित्रित किया जाता है। पात्रों के साथ एक तात्कालिक संबंध बन जाता है, जिससे पाठक उनकी भावनाओं को महसूस कर पाता है। प्रेमचंद यह भी बताते हैं कि साहित्य काल्पनिक होते हुए भी जीवन के यथार्थ को प्रस्तुत करता है। कहानी में पात्रों की भावनाओं का गहराई से चित्रण करना आवश्यक है, ताकि पाठक उस अनुभव से जुड़ सके। लेखक ने यह भी उल्लेख किया है कि आधुनिक युग में कहानियों की मांग बढ़ी है, क्योंकि लोग त्वरित मनोरंजन की तलाश में हैं। छोटी कहानियाँ, जो संक्षेप में गहन अर्थ प्रदान करती हैं, आजकल बहुत लोकप्रिय हैं। प्रेमचंद के अनुसार, कहानी की संरचना में मनोवैज्ञानिक तत्वों का होना आवश्यक है, जिससे पाठक को एक गहरी अंतर्दृष्टि प्राप्त हो सके। साहित्य में बदलाव और विकास की बात करते हुए, प्रेमचंद यह स्पष्ट करते हैं कि कहानी और उपन्यास में अंतर है, और दोनों का उद्देश्य पाठकों को सोचने और महसूस करने के लिए प्रेरित करना है। कहानी की सफलता उसकी संवेदनशीलता और मनोवैज्ञानिक गहराई पर निर्भर करती है। इस प्रकार, प्रेमचंद साहित्य के माध्यम से मानव जीवन के जटिल पहलुओं को उजागर करने का प्रयास करते हैं।
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