मारवाड़ का इतिहास प्रथम भाग | Marwan ka Itihas part 1

- श्रेणी: इतिहास / History
- लेखक: पंडित विश्वेश्चरणाथ - Pandit Vishweshcharanath
- पृष्ठ : 504
- साइज: 17 MB
- वर्ष: 1938
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दो शब्द :
इस पाठ में जोधपुर के राष्ट्रकूट नरेशों का इतिहास और उनके योगदान का वर्णन किया गया है। लेखक ने नरेशों की दानशीलता, धर्म और विद्या के प्रति प्रेम को प्रमुखता से दर्शाया है। जोधपुर का क्षेत्र राजपूताने के पश्चिमी भाग में स्थित है, जो विभिन्न राज्यों से घिरा हुआ है। यहां पर विभिन्न नरेशों के नाम और उनके कार्यों का उल्लेख किया गया है, जैसे राव सिहाजी, राव कर्णपालजी, राव जाजणखसीणी आदि। पाठ में जोधपुर के किले, नगर और आसपास के क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उनके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया गया है। लेखक ने राजा उदय सिंह, महाराजा राम सिंहजी, और अन्य प्रमुख नरेशों के बारे में भी जानकारी दी है, जो जोधपुर के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। पाठ में यह भी बताया गया है कि जोधपुर का क्षेत्र किस प्रकार विभिन्न सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रभावों से प्रभावित रहा है। इस प्रकार, यह पाठ जोधपुर के राष्ट्रकूट नरेशों के इतिहास, उनके कार्यों और उनके क्षेत्र की विशेषताओं का एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण सारांश प्रस्तुत करता है।
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