हिंदी भाषा और लिपि | Hindi Bhasha aur Lipi

- श्रेणी: भाषा / Language हिंदी / Hindi
- लेखक: धीरेन्द्र वर्मा - Dheerendra Verma
- पृष्ठ : 86
- साइज: 7 MB
- वर्ष: 1939
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दो शब्द :
इस पाठ में हिंदी भाषा और लिपि के इतिहास पर चर्चा की गई है। लेखक धीरेंद्र वर्मा ने इस विषय को विस्तार से प्रस्तुत किया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का वर्गीकरण और हिंदी का स्थान बताया गया है। पुस्तक में हिंदी भाषा की उत्पत्ति, विकास, और विभिन्न बोलियों का विश्लेषण किया गया है। पुस्तक का प्रारंभ हिंदी भाषा के विभिन्न समूहों और उपकुलों के वर्गीकरण से होता है, जिसमें भारत-यूरोपीय, सेमिटिक, तिब्बती-चीनी, द्राविड़, और अन्य भाषाई समूहों का वर्णन है। लेखक ने यह बताया है कि हिंदी भाषा का संबंध भारत-यूरोपीय भाषाओं से है और इसे विभिन्न उपभाषाओं में बांटा गया है, जैसे कि कांतम और शतम समूह। इसके अलावा, हिंदी भाषा का विकास प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक काल में हुआ है, जिसमें साहित्यिक रूप और ग्रामीण बोलियों का भी उल्लेख किया गया है। पाठ में देवनागरी लिपि और अंकों का भी विवरण दिया गया है, जो कि हिंदी भाषा की लिखाई के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुल मिलाकर, यह पाठ हिंदी भाषा और उसकी लिपि के विकास, वर्गीकरण और उनके ऐतिहासिक महत्व की गहरी समझ प्रदान करता है, जो विद्यार्थियों और हिंदी प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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