नन्द-मौर्य युगीन भारत | Nand -Maurya Yugin Bharat

- श्रेणी: इतिहास / History भारत / India
- लेखक: - के. ए. नीलकंठ शास्त्री - K. L. Neelkanth Shastri मङ्गलनाथ - mangalnath
- पृष्ठ : 571
- साइज: 14 MB
- वर्ष: 1969
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दो शब्द :
इस पाठ में नंद-मौर्य युगीन भारत का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ प्रस्तुत किया गया है। इसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है, जैसे कि नंद और मौर्य साम्राज्य का प्रशासन, सिकंदर का भारत पर आक्रमण, और भारत की सांस्कृतिक और राजनीतिक विकास की प्रक्रिया। पाठ में यह बताया गया है कि कैसे नंद-मौर्य युग में भारत ने बाहरी शक्तियों के साथ संबंध बनाए और अपनी संस्थाओं को विकसित किया। सिकंदर के आक्रमण को एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसने भारत के पश्चिमी क्षेत्रों में राजनीतिक बदलाव लाए। इस आक्रमण के परिणामस्वरूप मौर्य साम्राज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत की संस्कृति में बाहरी तत्वों का समावेश हुआ, लेकिन यह अपनी मौलिकता को बनाए रखते हुए विकसित हुआ। सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई है, जैसे कि व्यापार, उद्योग, साहित्य और धर्म। अंत में, पाठ का सार यह है कि भारत का इतिहास एक व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए, जिसमें उसके विभिन्न तत्वों और बाहरी सांस्कृतिक प्रभावों का समावेश हो।
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