दो शब्द :

यह पाठ "आयुर्वेदीय-विश्व-कोष" के पहले खंड के बारे में है, जिसमें आयुर्वेद से संबंधित विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई है। इसमें निघणतु, निदान, रोग-विज्ञान, चिकित्सा-विज्ञान, रसायन-विज्ञान, कीट-विज्ञान आदि जैसे विभिन्न विषयों के शब्दों और उनके पर्यायों का संकलन किया गया है। पाठ में यह उल्लेख किया गया है कि इस ग्रंथ में 4000 से अधिक वनस्पतियों और प्राचीन रोगों का विस्तृत निदान और चिकित्सा विधियों का वर्णन किया गया है। इस पुस्तक के संपादक ने पहले खंड में किए गए परिवर्तनों और सुधारों का संक्षेप में वर्णन किया है, जिसमें आयुर्वेदिक शब्दों के साथ-साथ यूनानी और डॉक्टरी शब्दों के पर्याय और उनके अर्थ दिए गए हैं। इस खंड में विशेष रूप से शब्दों के उच्चारण और उनके अर्थ के साथ-साथ उनकी व्याख्या भी की गई है। पाठ में यह भी बताया गया है कि इस कोष का उद्देश्य आयुर्वेद के छात्रों और चिकित्सकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, पाठ में पाठकों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी त्रुटि की जानकारी दें ताकि भविष्य के संस्करणों में सुधार किया जा सके। इस प्रकार, यह ग्रंथ आयुर्वेद के अध्ययन में सहायक और उपयोगी सिद्ध होगा, और इसे आयुर्वेदिक साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान माना गया है।


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