निति- सूक्ति कोष | Niti - Sukti Kosh

By: रामसरूप रसिकेश - Ramsarup Rasikesh
निति- सूक्ति कोष | Niti - Sukti Kosh by


दो शब्द :

इस पाठ में नीति-संहिताओं और उनके संग्रह के महत्व पर चर्चा की गई है। विशेष रूप से "नीति-सकिति कोश" के संपादक डा. रामसरूप शास्त्री का उल्लेख किया गया है, जिन्होंने इस कोश का निर्माण किया है। यह कोश भारतीय साहित्य में नीति-संबंधी सूक्तियों का एक महत्वपूर्ण संग्रह है, जिसमें प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक कवियों की कृतियों से नीति संबंधी विचारों को संगृहीत किया गया है। डा. शास्त्री ने इस कोश के निर्माण में छह वर्षों का परिश्रम किया है और यह हिन्दी साहित्य में एक नया और रोचक प्रयास है। पाठ में यह भी बताया गया है कि सुभाषित या नीति-सूक्तियों का संग्रह भारतीय साहित्य में प्राचीनकाल से चला आ रहा है, जिसमें वेदों, संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रंश के ग्रंथों का उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, पाठ में विभिन्न कालखंडों के प्रमुख काव्य-संग्रहों का उल्लेख किया गया है, जो नीति, गुण, और मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं। इन संग्रहों में न केवल साहित्यिक बल्कि नैतिक मूल्य भी निहित हैं। पाठ के अंत में, डा. शास्त्री के कार्य की सराहना की गई है और इसे हिन्दी साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान माना गया है।


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