कठोपनिषद् के रहस्य | Kathopanishad ke Rahasya

- श्रेणी: इतिहास / History उपनिषद/ upnishad योग / Yoga
- लेखक: स्वामी-कृष्णानंद-सरस्वती - Swami Krishnananda Saraswati
- पृष्ठ : 150
- साइज: 5 MB
- वर्ष: 1959
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दो शब्द :
कठोपनिषद् पर आधारित इस पुस्तक में स्वामी कृष्णानन्द द्वारा सात प्रवचनों का संग्रह किया गया है। इन प्रवचनों में मानव जीवन के गहन रहस्यों, ज्ञान, बुद्धि, और आध्यात्मिकता पर चर्चा की गई है। पहले प्रवचन में सांसारिक जीवन की सीमाओं और उच्च लोकों की प्राप्ति के लिए किए गए यज्ञों का उल्लेख है, जिसमें नचिकेता की जिज्ञासा और यमराज के साथ संवाद का वर्णन है। दूसरा प्रवचन श्रेय और प्रेय के सिद्धांत, अज्ञानता, और आध्यात्मिक साधना के महत्व पर केंद्रित है। तीसरे प्रवचन में आन्तरिक संयम और आत्मा की उपासना के विभिन्न चरणों की चर्चा है, जबकि चौथे प्रवचन में परम सत्ता का तर्कातीत स्वरूप और साधना की कठिनाइयों का विवेचन किया गया है। पांचवे प्रवचन में संवेदनाओं, ध्यान, और आत्म-समर्पण की प्रक्रिया का विश्लेषण किया गया है। छठा प्रवचन आत्मा की ऊँचाइयों और चेतना के योग की सिद्धियों पर प्रकाश डालता है, जबकि अंतिम प्रवचन जीवन और मृत्यु के रहस्यों और परम सत्ता के साथ मिलन के उपायों पर केंद्रित है। कठोपनिषद का अध्ययन मानव जीवन की गहराइयों को समझने का एक प्रयास है, जिसमें जीवन की जटिलता, उसके उद्देश्य और अंततः आत्मा की मुक्ति का मार्ग बताया गया है। पाठक को यह पुस्तक आत्मज्ञान की ओर प्रेरित करती है और साधना के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है। इस प्रकार, कठोपनिषद का यह विश्लेषण एक अद्वितीय आध्यात्मिक यात्रा का मार्ग प्रशस्त करता है।
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