काश्मीर समस्या और विश्लेषण | Kashmir Samsiya Or Vishleshan

- श्रेणी: अन्य / other भारत / India
- लेखक: जगमोहन सिंह - Jagmohan Singh
- पृष्ठ : 465
- साइज: 17 MB
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दो शब्द :
इस पाठ में जगमोहन, जो जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल हैं, ने कश्मीर की समस्या पर अपने अनुभव और विश्लेषण साझा किया है। उन्होंने अपनी पुस्तक का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए बताया है कि वह अपनी राज्यपाल की अवधि के दौरान हुई महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन करना चाहते हैं, ताकि पाठक सही परिप्रेक्ष्य में इन घटनाओं को समझ सकें। जगमोहन ने यह महसूस किया कि भारतीय राजनीति में कई झूठी सूचनाएं और अफवाहें फैलाई जाती हैं, जिसके खिलाफ उन्होंने संघर्ष किया। उन्होंने यह भी बताया कि उनके ऊपर कई बार गलत आरोप लगाए गए, और जब उन्होंने तथ्यों को उजागर किया, तो उनकी आलोचना की गई। लेख में उन्होंने यह तर्क पेश किया कि किसी भी विषय पर एकतरफा बात करने की बजाय, सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। जगमोहन ने कश्मीर की समस्याओं के कई कारणों का उल्लेख किया, जैसे कि आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता, और गलत सूचनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर की समस्या को हल करने के लिए नई दृष्टि और उत्साह की आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान भारत छोटी राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए देश का नुकसान कर रहा है। पाठ में यह भी बताया गया है कि कश्मीर के हालात कितने खराब हैं और यह कि नेताओं की नीतियों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। जगमोहन ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह आलोचना व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन नकारात्मक शक्तियों के खिलाफ है जो देश की समस्याओं का समाधान नहीं होने देतीं। अंत में, उन्होंने यह संकेत दिया कि कश्मीर की समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब सही तथ्यों और घटनाओं को उजागर किया जाए और उन पर विचार किया जाए।
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