गढ़वाल की दिवंगत विभूतियां | Gadhwal Ki Divangat Vibhutiya

By: भोक्त-दर्शन - bhakt-darshan
गढ़वाल की दिवंगत विभूतियां | Gadhwal Ki Divangat Vibhutiya by


दो शब्द :

इस पाठ में लेखक ने अपनी पुस्तक की प्रस्तावना प्रस्तुत की है, जिसमें उन्होंने गढ़वाल क्षेत्र की दिवंगत विभूतियों के जीवन-परिचय को संकलित करने की अपनी योजना का उल्लेख किया है। लेखक ने बताया है कि उन्होंने इस पुस्तक को तैयार करने के लिए विभिन्न स्रोतों का अध्ययन किया और उपलब्ध सामग्री को व्यवस्थित किया है। उनका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के कार्यों के माध्यम से प्रेरित करना और उनकी स्मृति को समर्पित करना है। लेखक ने स्वीकार किया है कि उनकी रचना मौलिक नहीं है, बल्कि यह उन विभूतियों की उपलब्ध जानकारी का संकलन है। उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तक में कुछ ऐसे व्यक्तियों के जीवन-परिचय शामिल हैं, जो अपने समय में बदनाम थे, लेकिन उनके गुण आज भी प्रकाश में हैं। लेखक ने पुस्तक के विभिन्न खंडों में जीवन-परिचयों को निधन की तिथि के अनुसार व्यवस्थित किया है और गढ़वाल के राजाओं और अन्य महानुभावों के नामों के पहले "मद्दाराज" और "श्री" जैसे शीर्षकों का उपयोग किया है। लेखक ने उन सभी व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया है जिन्होंने पुस्तक को तैयार करने में मदद की, विशेषकर उन लोगों का जिन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने पाठकों से सुझाव देने का अनुरोध किया है ताकि आगामी संस्करण में सुधार किया जा सके। अंत में, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पुस्तक के प्रकाशन से दिवंगत आत्माओं को सुख मिलने की आशा है और उन्होंने अपनी मां और पिता को श्रद्धांजलि दी है। इस प्रकार, यह पाठ गढ़वाल क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए लेखक के प्रयासों का परिचायक है।


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