वैदिक चिकित्सा | Vaidik Chikitsa

By: श्रीपाद दामोदर सातवलेकर - Shripad Damodar Satwalekar


दो शब्द :

इस पाठ में वेदिक चिकित्सा की विभिन्न पद्धतियों का वर्णन किया गया है। वेदों में स्वास्थ्य और चिकित्सा के लिए अनेक प्रकार की विधियों का उल्लेख मिलता है। पाठ में यह बताया गया है कि वेदों के अनुसार चिकित्सा केवल शारीरिक उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखती है। वेदिक चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन में संतुलन और स्वास्थ्य को पुनर्स्थापित करना है। यह ज्ञात होता है कि वेदों में वर्णित चिकित्सा पद्धतियाँ सूक्ष्म तत्वों और उनकी शक्तियों पर आधारित हैं, जो कि स्थूल शरीर की तुलना में अधिक प्रभावी होती हैं। पाठ में यह भी उल्लेखित है कि चिकित्सा के लिए केवल शारीरिक औषधियों का उपयोग नहीं होता, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक उपचार का भी ध्यान रखा जाता है। यह स्पष्ट किया गया है कि एक सच्चा वैद्य वही है, जो रोग की जड़ तक पहुँचने में सक्षम हो। अंत में, पाठ में यह बताया गया है कि वैदिक चिकित्सा में रोगों का उपचार करने के लिए विभिन्न मंत्रों और औषधियों का प्रयोग किया जाता है, जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करते हैं। इस प्रकार, पाठ हमें यह समझाता है कि वेदिक चिकित्सा एक समग्र दृष्टिकोण है, जो मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखती है।


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