स्वास्थ्य शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षण | Swasthya Shiksha Avam Sharirik Shiksha Shikshan

By: प्रो हेतसिंह वघेला - Prof. Heatsingh Vaghela


दो शब्द :

यह पाठ "स्वास्थ्य शिक्षा और शारीरिक शिक्षा" विषय पर केंद्रित है, जिसमें स्वास्थ्य शिक्षा का महत्व, उद्देश्यों और आवश्यकताओं पर चर्चा की गई है। इसमें बताया गया है कि स्वास्थ्य शिक्षा का लक्ष्य छात्रों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। यह शिक्षा विद्यालयों में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है और विद्यार्थियों को स्वास्थ्य से संबंधित सही जानकारी देने का कार्य करती है। पुस्तक में नवीन पाठ्यक्रम के अनुसार स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा के विषयों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में स्वास्थ्य शिक्षा को एक अनिवार्य विषय के रूप में स्थापित करने की बात की गई है। इसमें स्वास्थ्य शिक्षा के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि पोषण, स्वच्छता, प्राथमिक उपचार, और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर दिया गया है। पाठ में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्वास्थ्य शिक्षा छात्रों को स्वस्थ आदतें अपनाने, संक्रामक रोगों से सुरक्षा, और शारीरिक तथा मानसिक विकास के लिए प्रेरित करती है। शिक्षक की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें विद्यार्थियों को स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति जागरूक करना होता है। अंत में, पाठ में स्वास्थ्य शिक्षा के महत्व और इसके लक्ष्य को स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सुधारने में सहायक है, बल्कि सामूहिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में योगदान देती है।


Please share your views, complaints, requests, or suggestions in the comment box below.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *