दस्ताने अवध | Dastane Awadh

By: योगेश 'प्रवीण' - Yogesh 'Praveen'
दस्ताने अवध | Dastane Awadh by


दो शब्द :

पुस्तक "दास्ताने अवध" में लेखक योगेश प्रवीन ने लखनऊ और अवध के इतिहास को रोचक और जीवंत शैली में प्रस्तुत किया है। उन्होंने नवाबी काल के दौरान लखनऊ की संस्कृति, समाज और राजनीति का विस्तृत वर्णन किया है। पुस्तक में अवध के उत्थान और पतन, वहां की ऐतिहासिक इमारतों, नवाबों की विलासिता और उनके ऐश्वर्य का चित्रण किया गया है। लेखक ने इस बात पर जोर दिया है कि लखनऊ का इतिहास केवल दरबारी लेखकों या अंग्रेज़ों द्वारा लिखी गई जानकारी पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इसमें मौलिक और प्रामाणिक जानकारी शामिल है, जो उर्दू लिपि में उपलब्ध ऐतिहासिक सामग्री से प्राप्त की गई है। योगेश ने अवध की गंगा-जमुनी संस्कृति, वहां के धार्मिक स्थलों और पौराणिक महत्व को भी उजागर किया है। पुस्तक में यह स्पष्ट किया गया है कि लखनऊ का अतीत कितना समृद्ध और विविधतापूर्ण रहा है, और कैसे यह शहर विभिन्न संस्कृतियों का संगम बना। लेखक ने अपने शोध और लेखन के माध्यम से पाठकों को अवध के इतिहास की गहराई में ले जाने का प्रयास किया है। पाठकों के लिए यह पुस्तक न केवल इतिहास की जानकारी देती है, बल्कि उस युग की मानवीय संवेदनाओं को भी जीवंत करती है। योगेश प्रवीन की यह कृति इतिहास के प्रति पाठकों की जिज्ञासा को बढ़ाने के साथ-साथ अवध की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पुस्तक सभी इतिहास प्रेमियों के लिए उपयोगी और आकर्षक साबित होगी।


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