पड़ोसी  | Padosi by


दो शब्द :

कुन्जजन नाम का एक युवा लड़का, जो एक गरीब मज़दूर का बेटा है, अपने माता-पिता को खोने के बाद अकेला हो जाता है। उसकी माँ तपेदिक से मर जाती है और उसका बड़ा भाई घर छोड़कर चला जाता है। ऐसी स्थिति में, कुन्जजन एक अज्ञात दिशा में यात्रा शुरू करता है और अंततः मंगलइशेरी नाम के गाँव में पहुंचता है। वहाँ वह एक गाय को पकड़ने में मदद करता है, जिसके बाद उसे वहाँ के निवासियों द्वारा अपनाया जाता है। कुन्जजन घर के कामों में सक्रिय रूप से भाग लेता है और धीरे-धीरे गाँव में अपनी पहचान बनाता है। उसकी मेहनत और लगन के कारण गाँव के लोग उसकी प्रशंसा करने लगते हैं। वह न केवल जानवरों की देखभाल करता है, बल्कि घर के अन्य कामों में भी मदद करता है। वह गाँव के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्ति बन जाता है, खासकर मजदूरों के लिए। हालांकि, कुन्जजन की बढ़ती प्रसिद्धि कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती है। गाँव के कुछ लोग उसकी उपस्थिति से असहज होते हैं और उसे वहाँ से निकालने की कोशिश करते हैं। लेकिन कुन्जजन की अहमियत को समझते हुए, उसके साथियों और मालिक ने उसका समर्थन किया। एक बार जब उसकी रसोई में घुसने को लेकर विवाद होता है, तो कुन्जजन अपनी स्थिति को स्पष्ट करता है और अंततः उसे बाहर नहीं निकाला जाता। कुन्जजन की मेहनत और ईमानदारी की वजह से गाँव में उसकी प्रतिष्ठा बढ़ती है, लेकिन वह विवाह करने से इनकार कर देता है, यह कहते हुए कि शादी एक मुसीबत है। अंत में, एक व्यापारी की लड़की का विवाह प्रस्ताव आता है, लेकिन कुन्जजन इसे अपने मालिकों के पास भेजने का सुझाव देता है, खुद इस मामले में रुचि नहीं दिखाता। कहानी में कुन्जजन का संघर्ष, मेहनत, और उसके प्रति गाँववालों की बदलती धारणा को दर्शाया गया है, जो उसकी मजबूती और आत्मनिर्भरता को उजागर करता है।


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