धरती और आसमान | Dharti aur Aasman

By: आचार्य चतुरसेन शास्त्री - Acharya Chatursen Shastri
धरती और आसमान | Dharti aur Aasman by


दो शब्द :

प्रकाशकीय प्रायाय चमुरसेन की कहानियाँ हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। उन्होंने 1606 या 1607 से लिखना शुरू किया और अपने जीवनकाल में लगभग चार सौ कहानियाँ लिखी। उनकी कहानियों को कई श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जैसे ऐतिहासिक, सामाजिक, राजनीतिक, भाव प्रधान, और पारिवारिक। उनके साहित्य को एकत्रित करने का कार्य उनके छोटे भाई ने किया, ताकि पाठक उनकी कलात्मकता का आनंद ले सकें। कहानियों के संग्रह में एक महत्वपूर्ण कहानी "पानवाली" है, जो मुगलकाल की पृष्ठभूमि में स्थापित है। यह कहानी लखनऊ के एक छोटे से मोहल्ले में एक बुढिया और उसके इंतजार की कहानी है। बुढिया एक मौलवी से तावीज़ मांगने आई है और उसके बाद एक विशेष रात की तैयारी होती है, जिसमें नवाब और एक सुंदरी, रूपा, का उल्लेख है। कहानी में रूपा की सुंदरता और उसके चारों ओर के माहौल का बखान किया गया है, जो उस समय की सामाजिक स्थिति को दर्शाता है। कहानी में विभिन्न पात्रों के माध्यम से सामाजिक ढांचे, प्रेम, और मानव भावनाओं का चित्रण किया गया है। यह पुस्तक माला हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण योगदान साबित होगी, जो विद्वानों और पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।


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