मुक्तिदाता | Muktidata by


दो शब्द :

इस पाठ में प्रभु येसु खीस्त के जीवन और उनके सुसमाचार का विवरण प्रस्तुत किया गया है। येसु खीस्त को मानवता का मुक्तिदाता बताया गया है, जो ईश्वर और मनुष्य दोनों हैं। उन्होंने अपने पापों का प्रायश्चित्त करके अनंत जीवन का उपहार दिया। येसु की शिक्षाओं का प्रचार करने के लिए उन्होंने अपने प्रेरितों को भेजा, जिससे चार सुसमाचार लिखे गए। ये सुसमाचार एक ही कथा को भिन्न दृष्टिकोणों से प्रस्तुत करते हैं। पुस्तक का उद्देश्य येसु की शिक्षा और जीवन की घटनाओं को एकत्रित कर एक सुसंगत रूप में प्रस्तुत करना है। लेखक कामिल बुल्के ने इन सुसमाचारों को एक कथा-सूत्र में पिरोने का प्रयास किया है, जिसमें भाषा का संशोधन और अनुच्छेदों के क्रम में परिवर्तन किया गया है। पाठ में येसु के जीवन के विभिन्न चरणों का उल्लेख किया गया है, जैसे उनका जन्म, बाल्यावस्था, उपदेश, चमत्कार, और अंत में उनका दुःखभोग और पुनरुत्थान। येसु के संबंध में अन्य पात्रों, जैसे योहन बपतिस्ता की भूमिका का भी वर्णन किया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि येसु की माँ मरिया को कैसे स्वर्गदूत द्वारा यह सूचना दी गई कि वह ईश्वर के पुत्र को जन्म देंगी। इस प्रकार, पाठ येसु खीस्त के जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाता है और उनके द्वारा मानवता के लिए किए गए महान कार्यों की पुष्टि करता है।


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