युगद्रष्टा भगत सिंह | Yugdrashta Bhagat Singh

By: वीरेंद्र सिन्धु - Virendra Sindhu
युगद्रष्टा भगत सिंह | Yugdrashta Bhagat Singh by


दो शब्द :

इस पाठ में युगद्रष्टा भगत सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के बलिदानों और संघर्षों की कहानी को प्रस्तुत किया गया है। लेखक वीरेन्द्र सिंधु ने इस ग्रंथ में उन पांच वीरों का जीवन वर्णित किया है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अद्वितीय योगदान दिया। इनमें सरदार अर्जुन सिंह, सरदार अजीत सिंह, सरदार किशन सिंह, सरदार स्वर्ण सिंह और भगत सिंह शामिल हैं। लेखक ने इन क्रांतिकारियों के जीवन की घटनाओं को इस प्रकार प्रस्तुत किया है कि वे न केवल व्यक्तिगत संघर्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि यह उनके सामूहिक संघर्ष का भी प्रतीक बन जाते हैं। भगत सिंह की वीरता और उनके बलिदान ने उन्हें एक प्रतीक बना दिया, जबकि उनके चाचा सरदार अजीत सिंह और पिता सरदार किशन सिंह के जीवन की कठिनाईयों और संघर्षों ने उन्हें प्रेरणा दी। पाठ में यह भी बताया गया है कि कैसे इन क्रांतिकारियों ने एक-दूसरे से प्रेरणा लेकर स्वतंत्रता के लिए आंदोलन चलाया और अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए। लेखक ने यह भी उल्लेख किया है कि इन क्रांतिकारियों की गाथा को युवा पीढ़ी के सामने लाना आवश्यक है, ताकि वे अपने देश के लिए बलिदान और संघर्ष की भावना को समझ सकें। इस ग्रंथ को लिखने का उद्देश्य है कि युवा पीढ़ी इन वीरों की कहानी से प्रेरित होकर देशभक्ति और राष्ट्रीयता की भावना को अपनाए। अंत में, लेखक ने इन वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की है और उनकी गाथाओं को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत माना है।


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